Wednesday, March 18, 2009

आदमी

बिखरा बिखरा सा ये जहॉ
है टूटा टूटासा आदमी,

अब कौन यहा सच बोलेगा
है झूठा झूठासा आदमी,

जब काम किसीसे होवे तो
है मीठा मीठासा आदमी,

सबसे बडा पैसा यहा
है छोटा छोटासा आदमी,

खुशियो के पिछे भागे
है रूठा रूठासा आदमी,

जात-पात और ऊच-नीच
है बटा बटासा आदमी,

ना रहा नामो निशान
है मिटामिटा सा आदमी...

बिखरा बिखरा सा ये जहॉ
है टूटा टूटासा आदमी......

2 comments:

rahul dubey said...

Mast hai dost....lage raho....Write more....I liked the Hindi one

VAIBHAV RAWOOT said...

ye bata bata sa Aadmi .....bahot khubi se samane laaya hai...