बिखरा बिखरा सा ये जहॉ
है टूटा टूटासा आदमी,
अब कौन यहा सच बोलेगा
है झूठा झूठासा आदमी,
जब काम किसीसे होवे तो
है मीठा मीठासा आदमी,
सबसे बडा पैसा यहा
है छोटा छोटासा आदमी,
खुशियो के पिछे भागे
है रूठा रूठासा आदमी,
जात-पात और ऊच-नीच
है बटा बटासा आदमी,
ना रहा नामो निशान
है मिटामिटा सा आदमी...
बिखरा बिखरा सा ये जहॉ
है टूटा टूटासा आदमी......
2 comments:
Mast hai dost....lage raho....Write more....I liked the Hindi one
ye bata bata sa Aadmi .....bahot khubi se samane laaya hai...
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