हर किसी को चाहने से तुम बदल सकते नहीं
बात इतनी सी कहां थी जो रात कट सकती नहीं
ऐ खुदा मंज़र तूने कुछ सोंच के दिखलाये हैं
हम हमारे हम से हैं किसी के हो सकते नहीं।
मैं कहा से लेके आऊं इस जमाने में ख़ुशी
पेड़, पत्ते,फल, परिंदे कब तलक रह पाएंगे
तू सोंच ले तेरी कमी को हमने तो समझा नहीं
अपनी ही बस आरजू में हम कहीं रहते नहीं।
जान ले जो राज़ तेरा तो खुदा हो जायेगा
दूर हो जा खुद से तू ये कही खो जायेगा
वो खुश है खुश रहे जो खफ़ा है रहे खफ़ा
हर किसी को हम हमारा हमदम बना सकते नहीं।
उस नदी का क्या हुआ जो चाँद को तकती रही
सबको मिलने के बहाने वो सदा बहती रही
जिंदगी को इस तरह से हम भी तो बहायेंगे
बहते बहते हो सकेे तो चाँद भी हो जायेंगे
फूल बनके खिलखिलाना एक अलग ही बात है
जिंदगी हो खूबसूरत जब हमदम हमारे साथ है
तू हो रहा है मुझसे भी और खुदसे भी क्यों खफ़ा
ये कायनातही दिल तेरा खुदबखुद बेहलायेगी
बात इतनी सी कहां थी जो रात कट सकती नहीं
ऐ खुदा मंज़र तूने कुछ सोंच के दिखलाये हैं
हम हमारे हम से हैं किसी के हो सकते नहीं।
मैं कहा से लेके आऊं इस जमाने में ख़ुशी
पेड़, पत्ते,फल, परिंदे कब तलक रह पाएंगे
तू सोंच ले तेरी कमी को हमने तो समझा नहीं
अपनी ही बस आरजू में हम कहीं रहते नहीं।
जान ले जो राज़ तेरा तो खुदा हो जायेगा
दूर हो जा खुद से तू ये कही खो जायेगा
वो खुश है खुश रहे जो खफ़ा है रहे खफ़ा
हर किसी को हम हमारा हमदम बना सकते नहीं।
उस नदी का क्या हुआ जो चाँद को तकती रही
सबको मिलने के बहाने वो सदा बहती रही
जिंदगी को इस तरह से हम भी तो बहायेंगे
बहते बहते हो सकेे तो चाँद भी हो जायेंगे
फूल बनके खिलखिलाना एक अलग ही बात है
जिंदगी हो खूबसूरत जब हमदम हमारे साथ है
तू हो रहा है मुझसे भी और खुदसे भी क्यों खफ़ा
ये कायनातही दिल तेरा खुदबखुद बेहलायेगी
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