गर उस तरफ मुड़कर देखो कभी,
तो काफ़ी धुंधला-धुंधला सा नज़र आता है सब …
ऐसा लगता है कि जैसे
भाप जम गई हो.
कुछ है तो सही, पर…
साफ़ साफ़ नज़र नहीं आता.
ये अतीत भी भला कैसा अजीब है न!
बस अभी गुज़रा,
अभी धुंधला सा हो गया...
तुम्हें तो सब कुछ
साफ़ साफ़ नज़र आता होगा!…
नहीं?
तो काफ़ी धुंधला-धुंधला सा नज़र आता है सब …
ऐसा लगता है कि जैसे
भाप जम गई हो.
कुछ है तो सही, पर…
साफ़ साफ़ नज़र नहीं आता.
ये अतीत भी भला कैसा अजीब है न!
बस अभी गुज़रा,
अभी धुंधला सा हो गया...
तुम्हें तो सब कुछ
साफ़ साफ़ नज़र आता होगा!…
नहीं?
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