बेशक यूँही नही दिल किसी पर आता है
जिस पर जान मर मिटे उसी पर आता है
जिस पर जान मर मिटे उसी पर आता है
एक नजर देखे और मदहोश कर दे
ऐ ख़ुदा कहाँँ से इनको ये हुनर आता है
दूर तलक देखते रहे गुजरे जो मुसाफ़िर कोई
एक बार जो गुज़र जाए कहाँँ फिर आता है
जरा ध्यान से बरखुरदार तूफ़ान आनेवाला है
बुज़ुर्गोंं को न जाने ये कैसे नजर आता है
वहींं रहता है वो फरिश्ता आज भी
जहाँँ बर्गत का वो बुढा शजर आता है
ऐ ख़ुदा कहाँँ से इनको ये हुनर आता है
दूर तलक देखते रहे गुजरे जो मुसाफ़िर कोई
एक बार जो गुज़र जाए कहाँँ फिर आता है
जरा ध्यान से बरखुरदार तूफ़ान आनेवाला है
बुज़ुर्गोंं को न जाने ये कैसे नजर आता है
वहींं रहता है वो फरिश्ता आज भी
जहाँँ बर्गत का वो बुढा शजर आता है
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